वांगचुक ने अपने आधिकारिक
X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट
पर पोस्ट कर कहा कि यह आंदोलन अहिंसक रहेगा और पूरी तरह शांति एवं प्रेम के संदेश पर आधारित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए, भले ही इसके लिए उन्हें गिरफ्तारी का सामना करना पड़े।
NEET पेपर लीक, CUET गड़बड़ी और CBSE विवादों पर बुलंद आवाज :
CJP आंदोलन की शुरुआत सोशल मीडिया कैंपेन के रूप में अभिजीत दीपके ने की थी। यह आंदोलन हाल के वर्षों में हुए बड़े परीक्षा घोटालों — NEET पेपर लीक, CUET में तकनीकी गड़बड़ियों और CBSE से जुड़े विवादों — के खिलाफ उठा है, जो लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर चुके हैं।
आंदोलनकारी मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व सुधार की पुरजोर वकालत कर रहे हैं।
कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्हें आइस स्टूपा (हिमालयी क्षेत्र में जल संरक्षण की अनूठी परियोजना) बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है। वे शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने के प्रयासों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी इस मुद्दे पर सक्रियता युवा वर्ग में काफी चर्चा का विषय बन रही है।
6 जून का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा, जहां हजारों प्रभावित छात्र और युवा इकट्ठा होने वाले हैं। आयोजकों ने सभी से शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की अपील की है