ऑपरेशन सिंदूर : प्रेम, प्रतिशोध और बलिदान की अमर गाथा - डॉ. मधुकांत
आतंकवाद की अंधेरी सुरंग में प्रेम की अंतिम लौ बनकर जली कात्या, देश की रक्षा के लिए दी सर्वोच्च आहुति !
कश्मीर की वादियों में जब सूरज की पहली किरण पीर पंजाल की बर्फीली चोटियों को स्पर्श करती है, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने स्वर्णिम चादर ओढ़ ली हो। अप्रैल की वह सुहानी सुबह भी कुछ ऐसी ही थी। हवा में चिनार के पत्तों की सरसराहट थी, केसर की हल्की महक थी और डल झील के शांत जल पर वसंत अपनी रंगीन छटा बिखेर रहा था। लेकिन इस मनोहारी सौंदर्य के पीछे एक भयावह सन्नाटा भी छिपा था, जो आने वाले तूफ़ान की चेतावनी दे रहा था।