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Friday, August 29, 2025

24JT News Desk / New Delhi /May 3, 2025

भारत में डिजिटल समावेशन और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक और ऐतिहासिक पहल के तहत CSC CSR संगोष्ठी 2025 का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सशक्त भारत के निर्माण में तकनीक-संचालित ग्रामीण परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम था। यह संगोष्ठी ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की मुहिम में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की भूमिका को केंद्र में रखती है।

"CSC CSR संगोष्ठी 2025: तकनीक और CSR के माध्यम से ग्रामीण भारत का सशक्तिकरण"
देश / सशक्त भारत की ओर एक कदम: CSC CSR संगोष्ठी 2025 में तकनीक आधारित ग्रामीण बदलाव और समावेशी विकास पर मंथन

उद्घाटन भाषण में ग्रामीण डिजिटल क्रांति का संदेश
इस संगोष्ठी का उद्घाटन कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के सचिव श्री अतुल कुमार तिवारी ने किया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि, “CSC एक क्रांतिकारी विचार है जो तकनीक के माध्यम से शहरी-ग्रामीण अंतर को पाटता है।”
यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है।

श्री तिवारी ने CSC अकादमी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, डिजिटल शिक्षा और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसे कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण की सराहना की और इसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बताया।

सरकार, कॉर्पोरेट और विकास क्षेत्र का समागम
यह सम्मेलन CSC अकादमी और भारतीय ESG नेटवर्क द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया, जिसमें सरकार, उद्योग और सामाजिक संस्थाओं के विशेषज्ञों ने भाग लिया। CSR केवल एक वैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक समावेश का एक शक्तिशाली औजार है।

CSC: डिजिटल सेवा केंद्र से सामाजिक परिवर्तन तक CSC अकादमी के अध्यक्ष और सचिव श्री संजय कुमार राकेश ने कहा: “CSC न केवल डिजिटल एक्सेस पॉइंट हैं, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन के उत्प्रेरक हैं।”
इनका संचालन ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) करते हैं, जो अपने समुदायों को सशक्त बनाते हैं।

CSC अकादमी का फोकस ऐसे CSR कार्यक्रमों पर है जो स्केलेबल और मापनीय हों और वंचित समुदायों तक प्रभावी पहुंच बना सकें।

तकनीक और शिक्षा के भविष्य पर विशेषज्ञ संवाद CBSE के निदेशक डॉ. विश्वजीत साहा ने कहा कि CSC अकादमी AI, साइबर सुरक्षा, और हेल्थटेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में युवाओं को तैयार कर रही है।

इस कार्यक्रम में कई विषयों पर पैनल चर्चाएं भी हुईं, जिनमें शामिल रहे:

* डिजिटल साक्षरता
* वित्तीय समावेशन
* महिला सशक्तिकरण
* स्वास्थ्य सेवा
* पर्यावरणीय स्थिरता

प्रमुख वक्ता और CSR पहलें यूनिसेफ के श्री अभिषेक गुप्ता ने “पासपोर्ट टू अर्निंग” पहल पर चर्चा की, जबकि वीज़ा की सुश्री परनाल वत्स ने “डिजिटल विलेज” कार्यक्रम पर अपने विचार साझा किए।

अन्य प्रमुख वक्ता:

* सुश्री गीतांजलि गौर (CSR प्रबंधक, किंड्रील) – CSC ओलंपियाड पर चर्चा
* श्री राजीव मलिक (सीईओ, ग्रेपॉस कनेक्ट) – CSR के सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश

थीम आधारित पैनल चर्चाएं श्री सुनील दहिया (वाधवानी फाउंडेशन) की अध्यक्षता में शिक्षा, कौशल और रोजगार पर पैनल में शामिल हुए:

* श्री राजकुमार श्रीवास्तव (IFS, कर्नाटक)
* श्री पल्लव तिवारी (यूनिसेफ)

डॉ. वशिमा सुभा (अर्न्स्ट एंड यंग) की अध्यक्षता में महिला और बाल स्वास्थ्य सेवा पर चर्चा हुई, जिसमें शामिल थे:

* श्री पुनीत देसाई (वेलकम क्योर)
* डॉ. योगेश पाटिल (बायोसेंस)

संगोष्ठी का समापन: समावेशी भारत का संकल्प
कार्यक्रम का समापन ग्रामीण भारत को डिजिटल समावेशन, कौशल आधारित शिक्षा और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

CSC अकादमी ने यह स्पष्ट किया कि उनका मिशन सभी के लिए टिकाऊ और समावेशी भविष्य की दिशा में सहयोग और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ना है।

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