शोक संदेश में डॉ. रमेश आर्य ने श्रीमती कृष्णा देवी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवार द्वारा किए गए नेत्रदान के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि विभाग इस पुण्य कार्य के लिए भगवान से प्रार्थना करता है कि वे दिवंगत आत्मा को उत्तम स्थान प्रदान करें और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी के निदेशक डॉ. अशोक सिंघल ने ओमप्रकाश ब्रेजा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक ईमानदार और मिलनसार व्यक्ति थे। मेडिकल कॉलेज में अपने कर्तव्यों को उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता दी और देहदान के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
पूर्व नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि ब्रेजा परिवार आर्य समाज और आहुति फाउंडेशन से जुड़ा है। परिवार ने अपने प्रियजन की आंखों का दान करके नेत्रदान की परंपरा को सार्थक किया। उन्होंने नेत्रदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर, थोड़े रखरखाव के साथ, आंखें दान के लिए उपयुक्त रहती हैं। इसके लिए तुरंत 108 पर सूचना देनी चाहिए। सभी धर्मों ने नेत्रदान को सर्वोत्तम कार्य माना है।
उन्होंने कहा कि रूढ़िवादी सोच के कारण नेत्रदान में कमी आती है, जबकि कुछ खास परिस्थितियों को छोड़कर नेत्रदान के लिए मना नहीं किया जाता। परिवार को चाहिए कि वे जल्दी निर्णय लें, पार्थिव शरीर की आंखों पर गीली रुई रखें और मेडिकल टीम को सूचित करें। सामाजिक संगठनों को भी परिवारों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करना चाहिए। मेडिकल टीम को समय पर पहुंचकर नेत्रों को सम्मान के साथ नेत्र बैंक तक पहुंचाना चाहिए।
नेत्रदान से कॉर्नियल अंधता से पीड़ित व्यक्तियों को रोशनी मिलती है। रोहतक में नेत्र बैंक और नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होना सौभाग्य की बात है, जिससे दान की गई आंखें जरूरतमंदों तक जल्द पहुंचती हैं। डॉ. शर्मा ने सभी से नेत्रदान और देहदान के लिए प्रतिज्ञा लेने और अपने परिजनों व मित्रों को इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, डॉ. अमरजीत राठी, नेत्रदान प्रेरक जगत सिंह गिल, राजेंद्र शर्मा, सिविल सर्जन कार्यालय से फार्मेसी अधिकारी प्रमोद नांदल, विजय खुराना, तस्वीर सिंह हुड्डा, निरंकारी मिशन से हेमंत दुआ, रिंकू निरंकारी, आहुति फाउंडेशन, गोहाना से सनी निरंकारी, शिवचरण शर्मा, मेडिकल कॉलेज के पूर्व सहयोगी, मित्रगण, सगे-संबंधी और आर्य समाज से जुड़े सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। डॉ. दिनेश शर्मा ने विभाग की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया और नेत्रदान का संदेश हर घर तक पहुंचाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि श्री सुरेंद्र कुमार ब्रेजा ने अपने पिता श्री ओमप्रकाश ब्रेजा की आंखों और देहदान के लिए पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा से संपर्क किया। डॉ. शर्मा ने डॉ. राजेंद्र चौहान (प्रभारी, आरआईओ और नेत्र बैंक) और डॉ. सुरेश कांता राठी (प्रभारी, एनाटॉमी विभाग, रोहतक) के साथ समन्वय कर नेत्रदान और देहदान की प्रक्रिया पूरी करवाई।