मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की मेजबानी करने जा रहा है, जो प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा, "यह आयोजन प्रदेश को खेल क्षेत्र में एक नई पहचान देगा।"
पूर्व गतिविधियों से बढ़ेगा जोश, नवाचार से पहुंचेगा संदेश
श्री शर्मा ने सुझाव दिया कि मुख्य आयोजन से पहले पूरे प्रदेश में पूर्व खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाए — जैसे मैराथन दौड़, स्कूल-कॉलेज स्तर की प्रतियोगिताएं, और रचनात्मक खेल आयोजन — जिससे आमजन तक इस आयोजन का व्यापक संदेश पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि खेलों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जाए, जिससे आयोजन की भव्यता और गहराई दोनों बढ़ें।
युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खेलों के आयोजन में प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों को शामिल किया जाए और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने कहा, "प्रदेश के युवा इस आयोजन के माध्यम से राष्ट्र स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।"
प्रबंधों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और अतिथियों के आवास, दर्शकों की बैठक व्यवस्था, तथा खेल संसाधनों की उपलब्धता के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, आयोजन स्थलों पर स्वच्छता, सौंदर्यकरण, और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में ये रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान खेलों के आयोजन से जुड़ी बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य तय कर कार्य करने के निर्देश दिए गए।