मुख्यमंत्री रविवार को जयपुर के ऐतिहासिक जल महल की पाल पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता एवं श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल महल प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर है और इसे स्वच्छ बनाए रखना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकल उपयोग प्लास्टिक स्वच्छता और पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है।
मुख्यमंत्री ने किया श्रमदान, दिलाई स्वच्छता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्वयं झाड़ू लगाकर और कचरा एकत्र कर श्रमदान किया तथा पौधारोपण कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर स्वच्छता योद्धाओं को पीपीई किट वितरित की गई, चयनित लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत चेक प्रदान किए गए तथा रोड स्वीपिंग मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्यमंत्री ने ‘इंप्लिमेंटेशन प्लान फॉर सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री सिटीज’ पुस्तिका का विमोचन किया और स्वच्छता कर्तव्य पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए।
स्वच्छ भारत मिशन से बदली लोगों की सोच
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन ने देश में व्यापक जनजागृति पैदा की है। इससे न केवल सड़कों और नालियों की सफाई हुई, बल्कि लोगों की जीवनशैली और आदतों में भी सकारात्मक बदलाव आया। उन्होंने बताया कि अब तक देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हो चुका है। वर्ष 2017 में प्रारंभ किया गया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान इस मिशन का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है।
राजस्थान के 42,492 गांव ओडीएफ प्लस घोषित
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छता के जनआंदोलन में राजस्थान अग्रणी भूमिका निभा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में 2.62 लाख व्यक्तिगत और 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वहीं 42 हजार 492 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान से जल स्रोतों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और विद्यालयों की सफाई में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
"राज्य स्तरीय स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संदेश— स्वच्छता समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी" | Photo Source : DIPR
रोजगार, बिजली-पानी और भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए संकल्पबद्ध है। दो वर्षों में 92 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और शीघ्र ही 20 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। 1.53 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से जल उपलब्धता बढ़ाई जा रही है और किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है।
पीएम स्वनिधि से स्ट्रीट वेंडर्स को मिला संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। यह योजना असंगठित क्षेत्र के लाखों लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती मंजू शर्मा, विधायक श्री गोपाल शर्मा एवं श्री बालमुकुंदाचार्य, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास एवं आवासन डॉ. देबाशीष पृष्टी, जयपुर नगर निगम प्रशासक श्रीमती पूनम सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।