वे इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान बिजनेस समिट और पुरस्कार समारोह’ को संबोधित कर रही थीं। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश में पर्यटन विकास में निजी क्षेत्र की सक्रिय भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का कार्य पर्यटन को ‘फेसिलिटेट’ करना है, न कि उसे संचालित करना।
उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास— जैसे सड़क, रेल, बस और हवाई सेवाएं— पर लगातार कार्य कर रही है। साथ ही पर्यटक स्थलों के संरक्षण और रख-रखाव को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
"ऑफ-सीजन" की धारणा को तोड़ना होगा
दिया कुमारी ने कहा,
“पहले यह माना जाता था कि राजस्थान में ऑफ-सीजन में पर्यटन नहीं हो सकता, लेकिन इस सोच को बदलने की जरूरत है। आज राजस्थान हर मौसम में पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है।”
उन्होंने पर्यटन में नवाचार, नई थीम और इनोवेटिव आइडियाज को लेकर आमजन व निवेशकों से आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राजस्थान को आईफा जैसे बड़े आयोजन, कंसर्ट टूरिज्म और कॉन्फ्रेंस टूरिज्म के लिए लगातार मंच बनाना चाहिए।
सोशल मीडिया बना बड़ा प्लेटफॉर्म
दिया कुमारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सोशल मीडिया अब पर्यटन विकास का एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत है।
पर्यटन की विविध संभावनाओं पर फोकस: राजेश यादव
समारोह में पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं आरटीडीसी अध्यक्ष श्री राजेश यादव ने भी शिरकत की। उन्होंने बताया कि राजस्थान अब सिर्फ ऐतिहासिक स्मारकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण, धार्मिक, वन्य और ट्राइबल टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू ‘पर्यटन इकाई नीति 2024’ में निवेशकों को कई प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके अलावा सरकार जल्द ही दो नई नीतियां—
* राजस्थान पर्यटन नीति,
* राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति — लेकर आ रही है।
इन नीतियों के माध्यम से राजस्थान को एक ‘वैश्विक फिल्म शूटिंग हब’ बनाने का लक्ष्य है।
घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पसंद बना राजस्थान: रूक्मणि रियार
पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूक्मणि रियार ने जानकारी दी कि राजस्थान आज घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या के लिहाज से भारत में 5वें स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की डेस्टिनेशन वेडिंग, लक्ज़री टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म के क्षेत्र में खास पहचान है। साथ ही राज्य MICE टूरिज्म यानी मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज और एग्जीबिशन के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
“राजस्थान की विविधताओं और इसकी सांस्कृतिक विरासत ने इसे वैश्विक स्तर पर पर्यटन का हॉटस्पॉट बना दिया है,” — श्रीमती रियार