कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नुक्कड़ नाटक, फ्लैश मॉब और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से HIV/AIDS से जुड़ी जानकारी और जागरूकता फैलाना रहा। आयोजन में युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
परियोजना निदेशक श्री शाहीन अली खान ने बताया कि दो महीने तक चलने वाला यह व्यापक जागरूकता अभियान युवाओं को एचआईवी/एड्स से संबंधित जांच, परामर्श, और संक्रमण से बचाव के बारे में शिक्षित करेगा। इसके तहत राज्यभर में कॉलेजों, गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर, रैलियाँ, डोर-टू-डोर कैम्पेन, ग्राम स्तरीय बैठकें और सोशल मीडिया के जरिए संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पतालों में भी विशेष हेल्थ कैंप आयोजित किए जाएंगे।
संयुक्त निदेशक, IEC डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि राज्य में युवाओं को यौन व प्रजनन स्वास्थ्य की जानकारी देने और उन्हें HIV से संबंधित जोखिमों के प्रति सतर्क करने के लिए 755 रेड रिबन क्लब सक्रिय हैं। ये क्लब कॉलेजों में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उन्हें जागरूकता का वाहक बना रहे हैं। साथ ही, "नाको एड्स मोबाइल एप" और राष्ट्रीय एड्स हेल्पलाइन 1097 के जरिए भी युवा गोपनीय और निःशुल्क जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
संयुक्त निदेशक, टीआई श्री सुनील कुमार ने सभी प्रतिभागियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि "युवा शक्ति देश की रीढ़ है। लेकिन एक स्वस्थ और जागरूक युवा ही राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकता है। इसलिए HIV जैसे संक्रमणों के बारे में सही जानकारी होना नितांत आवश्यक है, चाहे वो असुरक्षित यौन संबंध हो या इंजेक्शन के जरिए संक्रमण।"
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को HIV से जुड़ी जागरूकता सामग्री वितरित की गई और सोशल मीडिया पर इस अभियान को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।